Thursday, June 21, 2018
दिव्यांगों का दर्द सुनो महबूबा
अमित शर्मा
वरिष्ठ पत्रकार जम्मू-पुंछ

सीमावर्ती जिला पुंछ के तहसील मंडी के गांव अढ़ाई में कई पीढ़ियों से दिव्यांगता अभिशाप बनकर बैठी है । गांव अढ़ाई के दिव्यांग लोगों ने दुख के साथ बताया कि जब बच्चा पैदा होता है तो वह स्वस्थ्य रहता है। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है बच्चे दिव्यांग होने लगते हैं। यह स्थिति पिछली तीन पीढ़ियों से है। इस गांव की आबादी करीब 11,000 है और इसमें से करीब 40 प्रतिशत लोग इस गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। गांव के लोग कहते हैं कि हर घर में लोग बच्चा पैदा होने पर खुशियां मनाते हैं, लेकिन हमारे यहां तभी से इस बात की चिंता घर कर जाती है कि कुछ सालों बाद बच्चा सेहतमंद रहेगा भी या नहीं। ये डर इतना गहरा हो चुका है कि अब लोग अपने इलाके से पलायन करने लगे हैं ।
 
           


मामला पता चलने पर चिकित्सक भी हौरान हैं । डाक्टरों की टीमें भी इस गांवों का दौरा कर बच्चों व अन्य लोगों की स्वास्थ्य जांच कर चुके हैं लेकिन बच्चों के जन्म के पांच-छह वर्ष बाद हाथ-पैर अचानक मुड़ जाना अभी एक रहस्य बना हुआ हैं। दिव्यांगता का रहस्य अभी नही खुल पाया है।


यहां लोग पहले से ही गरीब हैं। ऐसे में विकलांगता के कारण उनकी स्थिति और खराब होती जा रही है। स्थानीय निवासी और पीड़ित मौलवी फरीद, जाकिर हुसैन आदि ने बताया कि दिव्यांगता के कारण इन्हें मजदूरी भी नहीं मिल पाती है। किसी तरह अपने व अपने परिजनों का भरण-पोषण कर पा रहे हैं। यहीं नहीं गांव में शादी-विवाह में भी परेशानी होती है। सरकार व प्रशासन द्वारा इन लोगों को सरकारी योजनाओं से भी वंचित रखा गया हैं ।




दरअसल गांव के लोगों के हाथ-पैर मुड़े होने के कारण उनके आधार कार्ड भी नही बन पाए हैं जिसके चलते अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने के साथ ही पेंशन भी बिना पिछले कई महीनो से बंद हैं।

स्थानीय निवासी मौलवी फरीद पिछले कई सालों से संघर्ष कर रहे हैं कि सरकार उनके यहां रिसर्च कराए ताकि कम से कम मालूम तो हो सके कि हवा पानी में ऐसी क्या खराबी है जो सेहतमंद रहने से रोकती है,फरीद खुद इस बीमारी से ग्रस्त है, लेकिन इलाज और कड़ी वर्जिश से ये अभी इस काबिल हैं कि सहारा लेकर थोड़ा बहुत चल सकें। सरकार ने इसकी वजह का पता लगाने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि पीड़ित लोगों के लिए महज 300 रुपए की पेंशन जरूर बांध दी थी पर हाथ-पैर मुड़े होने के कारण आधार कार्ड नही बन पाए जिस कारण अब आधार लिंक्ड पेंशन भी सरकार द्वारा बंद कर दी गई है।



यहां के लोग चाहते हैं कि डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम आए और पता तो लगाए कि आखिर ऐसा क्यों होता है। इसके लिए यहाँ के लोगो ने शासन- प्रशासन सभी को लिखा है। लेकिन अभी तक सरकारी डाक्टरों की विशेषज्ञ टीम यहां नहीं पहुंची है। यहां के लोगों को पहली बार मालूम हुआ कि इस बीमारी की वजह कुपोषण है लेकिन सवाल ये है कि जब अधिकारी वजह जानते हैं, तो आखिर इस समस्या का समाधान क्यों नहीं ढूंढ़ रहे यही नहीं, जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री को सब कुछ पता है, तो आखिर कोई कदम उठाने में वो हिचक क्यों रहे हैं।


वहीं जिला विकास आयुक्त का कहना है कि पुंछ के इस गांव पहुंचकर मामले की जांच की जाएगी एवं डाक्टरों की विशेष टीम भी भेजी जाएगी । पता लगाया जाएगा कि आखिर क्या कारण है कि लोग उम्र बढ़ने के साथ दिव्यांग हो जाते हैं। सरकारी सुविधा के साथ ही रोजगार हेतु सभी को ऋण मुहैया कराया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए उच्चाधिकारियों को बता दिया गया है।

जो भी हो, ये बहुत अफसोस की बात है, कि इतनी बड़ी तादाद में लोग शारीरिक रूप से कमज़ोर हो रहे हैं और शासन ये भी पता नहीं लगा सका कि आख़िर ऐसा हो क्यों रहा है। ज़रूरत है कि महबूबा मुफ्ती सरकार जांच कराकर इलाज की सभी जरूरतें वहां जल्द से जल्द पहुंचाए।
 

 

 

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   Comments
Dilip Kumaar
यह लेख मुझे अच्छा लगा
 
aakash
Bahut aacha
 
सानू कुमार
Comments here...मेरे बहुत बाल झड रहे है,गंजे हो चुका है बाल उगाना चाहता हूँ।
 
ब्यूरो रिप्लाय
प्रिय पाठकों , लेखक एवं चिकित्सक डॉ.अभय से 09415088981 मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है ।