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Thursday, April 26, 2018
साहसी हैं तो आइए पिथौरागढ़
भक्त दर्शन पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार,पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ जिला उत्तराखंड का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां पर साहसिक पर्यटन की सभी सुविधाएं मौजूद हैं। पिथौरागढ़ में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कीइंग और ट्रैकिंग के बाद साहसी पर्यटक माउंटेन बाइकिंग का लुत्फ भी उठा सकेंगे। हर साल हजारों की संख्या में देशी विदेशी सैलानी पिथौरागढ़ का रुख करते हैं।



इन सैलानियों में सबसे अधिक संख्या साहसी खेलों में दिलचस्पी रखने वाले पर्यटकों की होती है।

अन्य उपयोगी लिंकhttp://pithoragarh.nic.in/



पिथौरागढ़ ऐसी जगह है जहां रिवर राफ्टिंग के लिए नदियां सबसे मुफीद हैं। हिमालय से निकलने वाली काली नदी, रामगंगा और सरयू नदियों में 10 से 15 किलोमीटर तक लहरों के साथ बहना पर्यटकों को रोमांचित कर देता है। इस समय कुमांउ मंडल विकास निगम इन नदियों में पर्यटकों को राफ्टिंग करा रहा है।


जिले की नदियों में रिवर राफ्टिंग के अलावा यहां पर पैराग्लाइडिंग भी की जाती है। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय और मुनस्यारी में कई ऐसे स्पॉट हैं जहां से हवा में उड़ान भरना बेहद आसान है। हजारों फीट उंची पहाडि़यों से गहरी घाटियों के उपर उड़ान भरते हुए मीलों का सफर तय करना सैलानियों के लिए किसी रोमांच से कम नहीं है।


पिथौरागढ़ में शंकर सिंह पिछले डेढ़ दशक से पैराग्लाइडिंग करवा रहे हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके शंकर सिंह अनुभवी पायलट हैं।

                                             पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में खलियाटाप नामक एक स्थान ऐसा भी है जहां पर स्कीइंग की जाती है। दिसबंर व जनवरी के बाद बर्फबारी होते ही साहसिक खेलों के शौकीन यहां पहुंचते हैं। यहां पर औली की तरह सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।


साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में पिथौरागढ़ के खाते में माउंटेन बाइकिंग के रूप में एक और उपलब्धि जुड़ गई। माउंटेन बाइकिंग के लिए ट्रेल मार्ग ढूंढे जाने के बाद खतरनाक पहाडि़यों में साइकिल चलाने के शौकीन यहां आने लगे हैं ।



उत्तराखंड वन विकास निगम की पहल पर यहां पहुंचे विदेशी माउंटेनियरों ने 25 किमी लंबा ट्रेल मार्ग ढूंढा।

अन्य उपयोगी लिंक - http://www.kmvn.gov.in/



कुमांउ मंडल विकास निगम, पिथौरागढ़ के प्रबंधक (साहसिक पर्यटन)दिनेश गुरुरानी के मुताबिक साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में पिथौरागढ़ में सभी तरह के संसाधन मौजूद हैं। यहां पर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग,ट्रैकिंग जैसे खेलों की सुविधाएं तो हैं ही अब माउंटेन बाइकिंग भी इसमें शामिल हो गया है।

कुमांउ मंडल विकास निगम यानि के.एम.वी.एन अब तक चार हजार से अधिक लोगों को राफ्टिंग करा चुका है। पर्यटकों को निगम द्वारा तय दरों पर राफ्टिंग कराई जा रही है।


पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में पं.नैनसिंह सर्वेयर माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना कर दी गई है। यह ऐसा संस्थान है जिसमें एडवेंचर कोर्स कराए जाएंगे। उत्तराखंड वन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश धामी का कहना है कि इस संस्थान को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
 

 

 

भारत में साहसिक खेलों की लोकप्रियता कम होने के क्या कारण हैं ? अपनी राय लिखिये ।


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मनीष कांडपाल.देहरादून
सुरक्षा उपायों का अभाव इन खेलों की कम लोकप्रियता का एक कारण हो सकता है।
 
keshav
acchi story...and good photograph