Monday, August 26, 2019
मारवाड़ - मालवा सम्बन्ध को वीर दुर्गादास ने बनाया अटूट
डा.रंजन दवे
स्टेट हेड,न्यूज फ़ॉर ग्लोब,राजस्थान

जोधपुर 14 अगस्त । दुर्गादासजी ने मारवाड़ और मालवा के सम्बन्ध को अटूट बनाया जो आज तक स्थापित है। प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में मालवा से लोग राजस्थान में रामदेवजी के दर्शनार्थ यहाँ आते हैं । उसी प्रकार जब मारवाड़ में अकाल पड़ता था तब मारवाड़ के किसान अपने पशुधन को लेकर मालवा की तरफ जाते थे । वीर दुर्गादासजी जैसे विशाल व्यक्तित्व को शब्दों में समेटा नहीं जा सकता । ये कहना है मध्यप्रदेश निर्यातक मंडल के पूर्व अध्यक्ष  मनोहर दादा बैरागी का जो कि जोधपुर में दुर्गादास राठौड़ की 381 जयंती के कार्यक्रम में बतौर मुख्याअतिथि शिरकत कर रहे थे।

  

सूर्यनगरी जोधपुर में वीर दुर्गादास राठौड़ की 381वीं जयन्ती समारोह वीर दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति , मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट , मरुगंधा संस्था ,लायन्स क्लब जोधाणा व नवीन शिशु निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में  मनाया गया । कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने पहुचें मनोहर दादा बैरागी ने कहा कि वे भाग्यशाली है कि दुर्गादासजी ने अपना अंतिम समय महाकाल की नगरी उज्जैन में बिताया ।

क्षिप्रा तट पर आज भी उनकी स्मृति को चिरस्थायी रखे हुए उनकी छतरी विद्यमान है जो उनके व्यक्तित्व को बयां करती है । उन्होंने कहा कि वे मध्यप्रदेश सरकार से उज्जैन स्थित छतरी के विकास में पूर्ण सहयोग हेतु ठोस कार्य योजना बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे । इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व नरेश गजसिंह ने कहा कि वीरवर दुर्गादासजी राठौड़ का व्यक्तित्व अद्भुत था , जिन्होंने धर्म , समाज से परे हटकर अपने मारवाड़ की स्वतंत्रता के लिए निरन्तर प्रयास किये और इस प्रयास में उन्होंने औरंगजेब के पोते - पोतियों को भी मुगल परम्परानुसार ही शिक्षा - दीक्षा दी , जो उनके व्यक्तित्व को और अधिक बड़ा बनाती है। वे जितने वीर थे उतने ही अधिक स्वामीभक्ति की मिसाल भी थे । उन्होंने मारवाड़ की  धरा के लिए अपने पूर्ण समर्पित थे ओर उन्होंने जिस समर्पण से कार्य किया वह अनुकरणीय है ।


समारोह में विशिष्ट अतिथि विधायक श्रीमती सूर्यकान्ता व्यास ने भी अपनी विशिष्ट शैली में सम्बोधित किया और गीत की प्रस्तुति भी दी ।अश्वआरूढ़ प्रतिमा और पन्नाधाय छतरी पर हुई विशेष पूजा अर्चना वीर दुर्गादास स्मृति समिति के अध्यक्ष जगतसिंह राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम का प्रारम्भ मसूरिया पहाड़ी पर स्थित वीर दुर्गादासजी राठौड़ की अश्वरोही प्रतिमा के पूजन के साथ हुआ । जहाँ  गजसिंहजी एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने पूजन कर पुष्पांजलि अर्पित की  । इस अवसर पर कच्छ गुजरात से आये मूरालाला मारवाड़ द्वारा स्वरांजलि की शानदार प्रस्तुति दी गई ।

वहीं श्रेया श्रीमाली द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई ।डिजिटल स्मारिका का हुआ लोकार्पण इस अवसर पर वीर दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति द्वारा प्रकाशित " वीर दुर्गादास राठौड़ डिजिटल स्मारिका " का लोकार्पण महाराजा साहब द्वारा किया गया । इसका सम्पादन विक्रमसिंह गुन्दोज एवं डॉ . विक्रमसिंह भाटी ने किया ।

इस अवसर पर श्री गंगासिंह खीची द्वारा लिखित पुस्तक " मारवाड़ में खीचियों का योगदान " का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया । कार्यक्रम में पूर्व महारानी हेमलता राज्ये भी मौजूद रहीं।जहां विभिन्न क्षेत्रो में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया।

 

   Comments


It is very nice story and very nice writing.

Ravi Kumar

Very Good and Healthy Article

Abhishek Tewari

Very Good and Healthy Article

Abhishek Tewari

Very Good and Healthy Article

Abhishek Tewari

Chalo sab loog Surkanda Devi

Abhishek Tewari